दयोरा में ज्योतिबा फुले अंबेडकर जयंती मनाई

Mphule

जोतिबा फुले और डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर गांव दयोरा के ज्योतिबा फुले पुस्तकालय में ज्योतिबा, अंबेडकर और हमारा समाज विषय पर सेमीनार आयोजित किया गया। मंच संचालन मास्टर रामफल ने किया।

इस सेमीनार में मुख्य वक्ता देस हरियाणा पत्रिका के संपादक प्रोफेसर सुभाष थे। प्रो.सुभाष ने फुले और अंबेडकर के परिवर्तन और गतिशील विचारों को लोगों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि फुले और अंबेडकर ने महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया।

महिलाएं उन महापुरुषों के विचार अपनाकर ही रूढ़िवादी और बंद समाज का ढक्कन खोल सकती हैं। उन्होंने कहा कि रोटी-बेटी का रिश्ता अपनाकर ही जातिवाद को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा समाज पितृसत्तात्मक और वर्णव्यवस्था के ऊपर टिका हुआ है, इसे फुले अम्बेडकर के विचारों को आगे बढ़ाकर ही खत्म किया जा सकता है।

लोकगीतों का बुगचा किताब की संकलनकर्ता निर्मल ने हरियाणा की बोलियों में महिलाओं के विद्रोही चेतना के लोकगीत सुनाएं।

महिलाओं ने निर्मल का खूब साथ दिया। मास्टर संधीर, सुरेश द्रविड़, हाईकोर्ट के वकील रविप्रकाश, ज्ञान विज्ञान समिति के सदस्य अमृतलाल ने भी फुले अम्बेडकर के जीवन संघर्ष पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर पुस्तकालय की सभाध्यक्ष सुमन, संचालक ईश्वर, गौतम, बलराज, ऋतु, गुरचरण सिधानि, राजेश, सोहन, पवन, राजू, हिम्मत, मधु, सुलतान, परवीन उपस्थित थे।

Source – Dainik Bhaskar

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